स्त्री में कविता और कविता की स्त्रियाँ चर्चा में: प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका - साहित्य के रंग शैलजा के संग
स्त्री में कविता और कविता की स्त्रियाँ चर्चा में: प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका - साहित्य के रंग शैलजा के संग

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

कोहरा

जैसे-जैसे रात गहरा रही थी कोहरा और भी घना होता जा रहा था। उसे नींद नहीं आ रही थी। लिहाफ़ से निकल कर उसने कंबल ओढ़ लिया। एक नज़र सावित्री पर डाली, वह निश्चिंत रही थी। वह धीरे से किवाड़ आगे पढ़ें


गुड मोर्निंग सर

धँसी हुई आँखें, तीखी हलनुमा ठुड्डी, चौड़ी भौंहें और पिचके हुए गाल मुझे एक बेहद ही अजीब सी शक्ल वाला युवा बनाते हैं। ऊपर से मेरा काला रंग मुझे अन्य युवाओं से भिन्न बना देता है। मैं अन्य युवाओं की आगे पढ़ें


क़ब्रिस्तान की सैर

एक रोज़ में ज़िंदगी से कुछ तंग था। समाज के माहौल से परेशान सा होकर शाम के खाने के बाद घूमने निकल पड़ा। कुछ सोचते-सोचते, शहर की गलियों से होकर निकल रहा था। रात के कोई दस बजे होंगे। चलते-चलते आगे पढ़ें


आपका दिन

"मैं केक नहीं काटूँगी।" उसने यह शब्द कहे तो थे सहज अंदाज़ में, लेकिन सुनते ही पूरे घर में झिलमिलाती रोशनी ज्यों गतिहीन सी हो गयी। उसका अठारहवाँ जन्मदिन मना रहे परिवारजनों, दोस्तों, आस-पड़ोसियों और नाते-रिश्तेदारों की आँखें अंगदी पैर आगे पढ़ें


नया सवेरा

सुनील बीती रात से करवट पर करवट ले रहा था, उसे किसी भी तरह सुबह होने का इंतज़ार था, आँखों से नींद कोसों दूर जा चुकी थी। उसे उम्मीद थी कि कल का सूरज उसके जीवन में नया सवेरा लायेगा आगे पढ़ें


हल और बैल

काफ़ी समय पहले की बात है। एक गाँव में एक किसान रहता था। वह रोज़ सुबह हल और अपने बैलों के साथ खेत पर पहुँच जाता। खेतों को जोतता-बोता। ख़ूब मेहनत करता। उसके खेत भी सोना उगलते थे। भरपूर फ़सल आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

खानदानी सांत्वना छाप मरहमखाना

वे खानदानी सांत्वना छाप मरहम वाले हैं। जबसे शासन को, जनता को, सांत्वना छाप मरहम की ज़रूरत लगी होगी, वे तबसे ही सांत्वना छाप मरहम बनाने का हुनर पाले हैं। बातों ही बातों में कल जब मैं उनके पास साहब आगे पढ़ें


विज्ञापनर

आख़िर इनके तन का कौन सा हिस्‍सा शेष है जो कि स्‍पांसरशिप से न बजबजा रहा हो। उधर को मैदान मे चीयर गर्ल्स कपड़ा-लैस्स हों तो इधर को ये विज्ञापन-लैस हो जलवा तेरा जलवा कर रहे हैं। नख से शिख आगे पढ़ें


हिंदीभाषी होने का दर्द

भाषा वैसे तो संवाद का माध्यम मात्र है लेकिन हम चीज़ों को मल्टीपरपज़ बनाने में यक़ीन रखते हैं इसलिए हमारे देश में भाषा, संवाद के साथ-साथ वाद-विवाद और स्टेटस सिंबल का भी माध्यम बन चुकी है। हमें बचपन में बताया आगे पढ़ें


आलेख

हिन्दी साहित्य में आत्मकथाएँ

प्रेमचन्द्र द्वारा सम्पादित ‘हंस’ पत्रिका का आत्मकथा अंक जयशंकरप्रसाद की इन पंक्तियों के साथ प्रारम्भ होता है - छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथायें आज कहूँ क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ सुनकर क्या आगे पढ़ें


समीक्षा

उन्हें भी संस्पर्श करतीं कहानियाँ जहाँ अधिकांश हो जाते हैं मौन : डॉ. अमिता दुबे

उन्हें भी संस्पर्श करतीं कहानियाँ जहाँ अधिकांश हो जाते हैं मौन : डॉ. अमिता दुबे

कृति : मेरी जनहित याचिका एवं अन्य कहानियाँ (कहानी संग्रह) कृतिकार : प्रदीप श्रीवास्तव प्रथम संस्करण -2018 अनुभूति प्रकाशन,लखनऊ मूल्य -350/ पृष्ठ संख्या 464 प्रदीप श्रीवास्तव का कहानी संग्रह "मेरी जनहित याचिका एवं अन्य कहानियाँ" लम्बी कहानियों का एक बड़ा आगे पढ़ें


भारतेत्तर कवि की व्यापक अनुभूतियों का संग्रह है  - इस समय तक

भारतेत्तर कवि की व्यापक अनुभूतियों का संग्रह है  - इस समय तक

पुस्तक : इस समय तक (कविता संग्रह), सजिल्द संस्करण 2019 लेखक : धर्मपाल महेन्द्र जैन  प्रकाशक : शिवना प्रकाशन, सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट,  बस स्टैंड, सीहोर - 466001 (म.प्र.) मूल्य : 250 रु. पृष्ठ : 160 पिछले दिनों कैनेडा के चर्चित आगे पढ़ें


मन की उथल-पुथल को अभिव्यक्त करता है कहानी संग्रह  - कछु अकथ कहानी

मन की उथल-पुथल को अभिव्यक्त करता है कहानी संग्रह - कछु अकथ कहानी

पुस्तक : कछु अकथ कहानी  लेखिका : कविता वर्मा  प्रकाशक : कलमकार मंच, 3, विष्णु विहार, अर्जुन नगर, दुर्गापुर, जयपुर – 302018  मूल्य  : 150 रुपए पेज : 96 “कछु अकथ कहानी” कविता वर्मा का दूसरा कहानी संग्रह है। कविता आगे पढ़ें


संस्मरण

36 - शिशुओं की मेल मुलाक़ात

16.8.2003 शिशुओं की मेल मुलाक़ात चौंक गए न आप... शिशुओं की मेल-मुलाक़ात! वह भी 2-3 माह के शिशु! न वे बोल सकते हैं न बैठ सकते हैं फिर भी मुलाक़ात! असल में 8 नवजात शिशुओं के माँ- बाप ने आपस आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

29 Jun, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की जून गोष्ठी आठ जून को स्प्रिंगडेल लाइब्रेरी के कमरे में यथासमय १:३० बजे बहुत धूमधाम से…

आगे पढ़ें
जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

5 Jun, 2019

मई 11, 2019 को ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की स्प्रिंगडेल शाखा में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न…

आगे पढ़ें
राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

17 Apr, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की अप्रैल, 2019 मासिक गोष्ठी   ’हिन्दी साहित्य में राम के विभिन्न रूप’ विषय पर इस शनिवार,…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - भारत

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

1 Jun, 2019

ब्रजभाषा साहित्य समिति, कोटा (राजस्थान) के तत्वावधान में दिनांक 18 मई 2019 को आयोजित माताश्री शान्ति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान…

आगे पढ़ें
डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

23 May, 2019

महामाया राजकीय महाविद्यालय, महोना, लखनऊ में दिनांक 9 व 10 फरवरी 2019 को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. सुरंगमा यादव,…

आगे पढ़ें
ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

10 May, 2019

  रतनगढ़ - आचार्य रत्नलाल विज्ञानुग की स्मृति में शब्दनिष्ठा सम्मान देशभर की प्रसिद्ध साहित्यिक प्रतिभा और उन की कृति…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - विदेश

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

6 Jun, 2019

भारतीय महावाणिज्य दूतावास हो ची मिन्ह सिटी वियतनाम, भारतीय व्यापार कक्ष वियतनाम और प्रमुख भारतीय संस्था परिकल्पना के संयुक्त तत्वावधान…

आगे पढ़ें
टोरंटो में लिट फेस्टिवल

टोरंटो में लिट फेस्टिवल

27 May, 2019

पिट्सबर्ग (अमेरिका) से हिंदी व अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होने वाली साहित्य मासिक पत्रिका सेतु द्वारा टोरंटो में लिट फेस्टिवल…

आगे पढ़ें
अमेरिका की फ़ोलसम नगरी ने मनाया हिंदी कवि का जन्मोत्सव

अमेरिका की फ़ोलसम नगरी ने मनाया हिंदी कवि का जन्मोत्सव

23 May, 2019

बायें - काव्य पाठ करते अभिनव शुक्ल दायें - सरस्वती वंदना करती दीप्ति शरण    मई १८, २०१९, फ़ोलसम, कैलिफोर्निया, संयुक्त…

आगे पढ़ें
  • 340K

  • 234K

  • 123K

  • 12,123