23 May 2019
डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

महामाया राजकीय महाविद्यालय, महोना, लखनऊ में दिनांक 9 व 10 फरवरी 2019 को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. सुरंगमा यादव, असि प्रो. हिन्दी की पुस्तक ’विचार प्रवाह’ का लोकार्पण मुख्य अतिथि डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय, क्षे़त्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ(उ.प्र.) के कर कमलों द्वारा किया गया। इस पुस्तक में संकलित उच्च स्तरीय लेखों की विद्वत समाज द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी।

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10 May 2019
ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

 

रतनगढ़ - आचार्य रत्नलाल विज्ञानुग की स्मृति में शब्दनिष्ठा सम्मान देशभर की प्रसिद्ध साहित्यिक प्रतिभा और उन की कृति के आधार पर चयनित रचनाकारों को पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार दो वर्ग में विभाजित किया जाता है। एक वर्ग में पुस्तक की श्रेष्ठता के आधार पर और दूसरे वर्ग का पुरस्कार कहानी की श्रेष्ठता के आधार पर दिया जाता है। जिस में प्रथम वर्ग में 5500 रुपए, दूसरे वर्ग में 5100 रुपए और तृतीय वर्ग में 3100 रुपए की राशि के साथ शाल, श्रीफल, प्रमाणपत्र व प्रकाशित पुस्तक दे कर सम्मान पुरस्कृत किया जाता है। प्रत्येक वर्ग में दो-दो रचनाकारों का सम्मान किया जाता है।

संयोजक डॉ. अखिलेश पालरिया ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में 2019 के सम्मान की घोषणा की है। जिस में नीमच ज़िले के प्रसिद्ध बालसाहित्कार… आगे पढ़ें

08 May 2019
डॉ. गरिमा संजय दुबे के प्रथम कहानी संग्रह 'दो ध्रुवों के बीच की आस' का लोकार्पण

डॉ. गरिमा संजय दुबे के प्रथम कहानी संग्रह 'दो ध्रुवों के बीच की आस' का लोकार्पण

डॉ. गरिमा संजय दुबे के प्रथम कहानी संग्रह 'दो ध्रुवों के बीच की आस' का लोकार्पण

वामा साहित्य मंच की सुपरिचित, लोकप्रिय, युवा लेखिका डॉ. गरिमा संजय दुबे के प्रथम कहानी संग्रह "दो ध्रुवों के बीच की आस" का लोकार्पण एवं चर्चा संगोष्ठी दिनांक 28 अप्रैल 2019 प्रीतम लाल दुआ सभाग्रह, इंदौर में हुआ। समारोह में लेखक व प्रकाशक पंकज सुबीर, वरिष्ठ साहित्यकार मनोहर मंजुल व लेखिका ज्योति जैन ने पुस्तक पर चर्चा की। स्वागत भाषण संस्था की अध्यक्ष पद्मा राजेंद्र ने दिया। आत्मकथ्य में लेखिका ने अपनी रचना प्रक्रिया की जानकारी देते हुए अपनी कहानी में आधुनिक युग की समस्याओं को चित्रित करने की बात की। उन्होंने कहा, "युग बदला है तो समस्याएँ भी बदली हैं, इसलिए हल भी नए होने चाहिए। जीवन में संतुलन का समर्थन करती हूँ लेकिन अतिवाद से बचने का प्रयास रहता है, इसीलिए पुस्तक और एक कहानी का शीर्षक दो ध्रुवों के बीच की… आगे पढ़ें

08 May 2019
आचार्य निरंजननाथ पुरस्कारों की घोषणा

आचार्य निरंजननाथ पुरस्कारों की घोषणा

राजसमन्द 6 मई 2019 -

आचार्य निरंजननाथ स्मृति संस्थान द्वारा रविवार को इस वर्ष के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई। इस बार पुरस्कार उपन्यास, कविता तथा कहानी विधा पर केंद्रित थे। पुरस्कार समिति के संयोजक क़मर मेवाड़ी के अनुसार इस वर्ष यह पुरस्कार सुप्रसिद्ध कथाकार, उपन्यासकार और सम्पादक पंकज सुबीर को उनके उपन्यास 'अकाल में उत्सव' पर, सुप्रसिद्ध कवि ओम नागर को उनके कविता संग्रह 'विज्ञप्ति भर बारिश' पर तथा ख्यातनाम कथाकार डॉ. गोपाल सहर को उनके कथा संग्रह 'हवा में ठहरा सवाल' पर प्रदान किए जाएँगे। तीनों पुरस्कारों की राशि इक्कीस-इक्कीस हज़ार रुपये के साथ शाल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया जायगा। समारोह 9 जून 2019 रविवार को प्रातः दस बजे गाँधी सेवा सदन राजसमन्द में आयोजित होगा। निर्णायक मण्डल के अध्यक्ष कर्नल देशबन्धु आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कथाकार माधव नागदा तथा डॉ. नरेन्द्र निर्मल की महत्त्वपूर्ण भागीदारी रही।

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19 Apr 2019
मानवता की प्रबल वकालत की है प्रदीप श्रीवास्तव ने : शिवमूर्ति 

मानवता की प्रबल वकालत की है प्रदीप श्रीवास्तव ने : शिवमूर्ति 

प्रदीप श्रीवास्तव की कहानियाँ नव उदारवाद, उदारवाद और भूमंडलीकरण की कहानियाँ हैं : हरिचरण प्रकाश 

यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में 7 अप्रैल 2019 को प्रदीप श्रीवास्तव के कहानी संग्रह 'मेरी जनहित याचिका एवं अन्य कहानियां' पर एक परिचर्चा का आयोजन भारतीय जर्नलिस्ट परिषद, अनुभूति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कथाकार श्री शिवमूर्ति ने कहा कि, "सारे नियम क़ानून से ऊपर है मानवता और इस मानवता की प्रबल वकालत की है प्रदीप श्रीवास्तव ने लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर वह देश की वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पीछे छोड़ देते हैं।" श्री शिवमूर्ति ने संग्रह की कहानियों की पठनीयता की बात करते हुए कहा कि, "लम्बी कहानियों के बावजूद प्रभावशाली भाषा, रोचकता इतनी है कि आप एक बार कहानी पढ़ना शुरू करेंगे तो बीच में छोड़ नहीं पायेंगे, आख़िर तक पढ़ते चले जायेंगे।" संग्रह की "बिल्लो की भीष्म प्रतिज्ञा" कहानी… आगे पढ़ें

14 Apr 2019
‘प्रवासी हिंदी साहित्य : संवेदना के विविध संदर्भ’ विषयक द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

‘प्रवासी हिंदी साहित्य : संवेदना के विविध संदर्भ’ विषयक द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

मैसूर, 8 मार्च, 2019 -  प्रवासी हिंदी साहित्य का परिदृश्य वैश्विक बनता जा रहा है। हिंदी में रचे जा रहे प्रवासी साहित्य का अपना वैशिष्ट्य है जो उसकी संवेदना, परिवेश, जीवन दृष्टि तथा सरोकारों में दिखाई देता है। इसी कड़ी में कर्नाटक की पारंपरिक नगरी मैसूर के हिंदी अध्ययन विभाग, मैसूर विश्वविद्यालय, मानसगंगोत्री, मैसूर तथा केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रवासी हिंदी साहित्य : संवेदना के विविध संदर्भ’ विषयक द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, मैसूर विश्वविद्यालय के बहादुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट के सभागार में आयोजित की गई। 

इस अवसर पर ब्रिटेन की प्रख्यात हिंदी लेखिका उषा राजे सक्सेना प्रमुख अतिथि रही। उद्घाटन भाषण में उन्होंने विदेशों में हिंदी साहित्य सृजन के परिवेश, स्वरूप, विषय-वस्तु, महत्वाकांक्षाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा - “प्रवासी भारतीय रचनाकारों की लेखन-शैली, शब्द-संस्कृति, संवेदना,… आगे पढ़ें

14 Apr 2019
ऋषभदेव शर्मा की पुस्तक 'संपादकीयम्' लोकार्पित

ऋषभदेव शर्मा की पुस्तक 'संपादकीयम्' लोकार्पित

मैसूर, 7 मार्च, 2019 - मैसूर विश्वविद्यालय और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत उच्च शिक्षा और शोध संस्थान के पूर्व आचार्य डॉ. ऋषभदेव शर्मा की सद्यःप्रकाशित पुस्तक 'संपादकीयम्' का लोकार्पण ब्रिटेन से पधारी प्रख्यात प्रवासी हिंदी साहित्यकार उषा राजे सक्सेना के हाथों संपन्न हुआ। पुस्तक की प्रथम प्रति छत्तीसगढ़ी कथाकार डॉ. रामनिवास साहु ने ग्रहण की। कार्यक्रम संयोजक प्रो. प्रतिभा मुदलियार ने कहा कि यह पुस्तक समसामयिक विषयों पर निष्पक्ष संपादकीय टिप्पणियों का ऐसा संग्रह है जिसमें वर्तमान समय के सभी विमर्श विद्यमान हैं। अवसर पर फिजी से पधारे खेमेंद्र कमल कुमार तथा सुभाषिणी शिरीन लता, चीन से पधारे प्रो. बलविंदर सिंह राणा और मॉरीशस से पधारी लेखिका दिया लक्ष्मी बंधन ने लेखक को शुभकामनाएँ दी। 

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के प्रो. रामवीर सिंह ने पुस्तक पर बातचीत में कहा कि संपादकीय टिप्पणियों का प्रकाशन एक अच्छी शुरूआत है क्योंकि इनसे… आगे पढ़ें

14 Apr 2019
ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका तथा शिवना प्रकाशन का साहित्य समागमसंपन्न

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका तथा शिवना प्रकाशन का साहित्य समागमसंपन्न

 

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन अमेरिका तथा शिवना प्रकाशन का संयुक्त आयोजन ‘साहित्य समागम’ राज्य संग्रहालय, भोपाल के सभागार में आयोजित किया गया। इस समारोह में देश भर के साहित्यकारों ने भाग लिया। समारोह में ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन अमेरिका के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन के कथा-कविता सम्मान प्रदान किए गए। दिन भर चले इस समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन की अध्यक्ष डॉ. ओम ढींगरा तथा उपाध्यक्ष डॉ. सुधा ओम ढींगरा ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। तीन सत्रों में आयोजित हुए इस समागम में शिवना प्रकाशन की पुस्तकों का विमोचन तथा रचना पाठ भी शामिल रहा, जिसमें हिन्दी के महत्त्वपूर्ण साहित्यकारों ने भाग लिया। प्रथम सत्र ‘सम्मानित रचनाकारों का पाठ’ की अध्यक्षता डॉ. उर्मिला शिरीष ने की तथा मुख्य अतिथि श्री महेश कटारे थे। इस सत्र में सम्मानित रचनाकारों ने अपनी सम्मानित रचनाओं का पाठ किया। सम्मानित… आगे पढ़ें

30 Mar 2019
विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार

विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार

विज्ञान इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि वह हमें सुख और सुविधा के साधन मुहैया कराता है, वह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हमें तर्कपूर्ण और विचारशील बनाने के लिए भी प्रेरित करता है। और इस नज़रिए से समाज को परिचित कराने में विज्ञान संचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके लिए उनकी जितनी सराहना की जाए कम है।

उक्त बातें विज्ञान दिवस के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार वितरण समारोह में सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहीं। इस पर लखनऊ के लोकप्रिय लेखक और 'साइंटिफिक वर्ल्ड' के सम्पादक डॉ. ज़ाकिर अली 'रजनीश' को बच्चों के मध्य विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें दो लाख रूपये, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।

इस अवसर पर पर प्रिंट मीडिया के लिए हुद्रम बीरकुमार सिंह,… आगे पढ़ें

29 Mar 2019
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम : अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो व्यंग्य संग्रह

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम : अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो व्यंग्य संग्रह


 दिनांक 20 मार्च 2019: स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल - 


श्री सुदर्शन कुमार सोनी की पुस्तक ’अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ का विमोचन दिनांक 20 मार्च 2019 को स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल में लब्ध प्रतिष्ठित व्यंग्यकार ’पदमश्री’ डॉक्टर ज्ञान चतुर्वेदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मकरंद देऊस्कर आईजी इंटेलीजेंस तथा वरिष्ठ व्यंग्यकार श्री शांतिलाल जैन उपस्थित थे। 

व्यंग्य पुरोधा डॉक्टर ज्ञान चर्तुवेदी जी ने इस अवसर पर कहा कि सुदर्शन की वर्तमान पुस्तक व्यंग्य में एक नया प्रयोग कह सकते हैं। पूरे चौंतीस व्यंग्य कुत्तों पर हैं। व्यंग्य अपने आप में मज़ेदार हैं। इस संग्रह में उनका भोगा हुआ यथार्थ भी दिखता है। कुत्तों पर आप असीमित लिख सकते हो। किसी ने कहा कि ये देश का पहला ऐसा संग्रह है। एक कुत्ता अपने मालिक से निस्वार्थ प्रेम प्यार करता है। नया… आगे पढ़ें

29 Mar 2019
छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘मोर दुलरुआ’ और बड़का दाई’ लोकार्पित

छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘मोर दुलरुआ’ और बड़का दाई’ लोकार्पित

मैसूर, 3 मार्च, 2019  - 

केंद्रीय हिंदी संस्थान के व्याख्यान कक्ष में संपन्न क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राम निवास साहू के सेवा निवृत्ति समारोह के अवसर पर उनकी दो छत्तीसगढ़ी पुस्तकों 'मोर दुलरुआ' (जीवनीपरक उपन्यास) और 'बड़का दाई' (अनुवाद : डॉ. गीता शर्मा) का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता मैसूर विश्वविद्यालय की प्रो. प्रतिभा मुदलियार ने की। बतौर मुख्य अतिथि लोकार्पण प्रो. ऋषभदेव शर्मा ने किया। एनसीईआरटी के डॉ. सर्वेश मौर्य और केंद्रीय हिंदी संस्थान के डॉ. परमान सिंह ने लोकार्पित पुस्तकों की समीक्षा प्रस्तुत की। वल्लभविद्यानगर से पधारे डॉ. योगेन्द्रनाथ मिश्र तथा हैदराबाद से पधारे चंद्रप्रताप सिंह ने शुभाशंसा व्यक्त की। इस अवसर पर आशा रानी साहू, शशिकांत साहू, श्रीकांत साहू और श्रीदेवी साहू ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नराकास-मैसूर के प्रतिनिधियों के अलावा डॉ. साहू के गृहनगर कोरबी-छत्तीसगढ़ से आए समूह के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निबाही।

• डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा 
सह संपादक ‘स्रवंति’  आगे पढ़ें

26 Feb 2019
स्पंदन संस्था भोपाल के सम्मानों की घोषणा

स्पंदन संस्था भोपाल के सम्मानों की घोषणा

श्री उदयन बाजपेई, श्री पंकज सुबीर, श्री आलोक चटर्जी, श्री महेश दर्पण तथा श्री प्रेम जनमेजय को स्पंदन सम्मान प्रदान किया जाएगा, युवा स्पंदन पुरस्कार श्री थवई थियाम को।

ललित कलाओं के लिए समर्पित स्पंदन संस्था भोपाल की ओर से स्थापित सामानों की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2018 का 'स्पंदन कथा शिखर सम्मान' हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार श्री असगर वजाहत को प्रदान किया जाएगा। 'स्पंदन कृति सम्मान' कविता संग्रह 'केवल कुछ वाक्य' के लिए कवि श्री उदयन वाजपेई को, 'स्पंदन कृति सम्मान' उपन्यास 'अकाल में उत्सव' के लिए श्री पंकज सुबीर को, 'स्पंदन आलोचना सम्मान' श्री महेश दर्पण को, 'स्पंदन ललित कला सम्मान' रंग कर्म के लिए श्री आलोक चटर्जी को, 'स्पंदन साहित्यिक पत्रिका सम्मान' व्यंग्य यात्रा के लिए श्री प्रेम जनमेजय को तथा 'स्पंदन युवा पुरस्कार' थिवई थियाम को देने का निर्णय सर्वानुमति से किया गया है। 

स्पंदन सम्मान समारोह की संयोजक उर्मिला शिरीष… आगे पढ़ें